वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भाितीय ज्ञान पिंपिा: एकात्मता औि सतत श ् ववकास का एक वैकल्पिक मार्ग

7 Apr

Authors: अजय कुमार दूबे, प ् रो. (डॉ.) गीता िमाा

Abstract: प ् रस्तुत शोध-पत्र भारतीय ज्ञाि परंपरा (IKS) की िैविक प्रासंवगकताओं का अन्वेषण करता है। ितामाि विि जब जलिायु पररिताि, मािवसक स्वास्थ्य और सामावजक विखंडि जैसे संकटों से जूझ रहा है, तब भारतीय मिीषा का 'एकात्म दृविकोण' एक िैकल्पिक मागा प्रस्तुत करता है। यह शोध आयुिेद, योग, गवणत और पयाािरण िैवतकता के माध्यम से यह वसद्ध करता है वक भारतीय ज्ञाि के िल अतीत की स्मृवत िहीं, बल्पि भविष्य की आिश्यकता है।

DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.19451446