भारतीय आहार संस्कृति में त्रिगुणों की भूमिका: भगवद्गीता का दृष्टिकोण

11 Apr

Authors: डॉ. दिवाकर पाल Abstract: भगवद्गीता भोजन को समझने के लिए एक अद्वितीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिसे त्रिगुणों की संकल्पना के माध्यम से समझाया गया है – ये मूलभूत गुण हैं जो सम्पूर्ण सृष्टि में व्याप्त हैं। ये केवल … Read More »

भारतीय समाज के कुटीर उद्योगों का वैश्विक परिप्रेक्ष्य में अध्ययन

11 Apr

Authors: निशा, डॉ. शिवराम सिंह Abstract: यह अध्ययन भारतीय समाज के कुटीर उद्योगों का वैश्विक परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण प्रस्तुत करता है। कुटीर उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की पारंपरिक तथा श्रमप्रधान संरचना का महत्वपूर्ण अंग रहे हैं, जो ग्रामीण रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता, … Read More »