Authors: सरला देवी
Abstract: परिवार समाज की सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण संस्थाओं में एक है, जो बच्चों के व्यक्तित्व विकास तथा नैतिक मूल्यों के निर्माण में अपनी केंद्रीय भूमिका निभाती है। आधुनिक युग में वैश्वीकरण, शहरीकरण और तकनीकी परिवर्तन के कारण पारिवारिक संरचनाओं में व्यापक बदलाव हुए हैं, जिनका प्रभाव बच्चों के सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विकास पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य संयुक्त परिवार, एकल परिवार, एकल अभिभावक परिवार तथा आधुनिक वैकल्पिक पारिवारिक संरचनाओं के तुलनात्मक अध्ययन के माध्यम से यह विश्लेषण करना है कि किस प्रकार पारिवारिक वातावरण बच्चों के व्यक्तित्व और नैतिक चेतना को प्रभावित करता है। यह अध्ययन समाजीकरण सिद्धांत, सामाजिक अधिगम सिद्धांत तथा अटैचमेंट थ्योरी पर आधारित है। शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि पारिवारिक संरचना चाहे कोई भी हो, यदि उसमें भावनात्मक सुरक्षा, संवाद और मूल्य-आधारित पालन-पोषण मौजूद हो, तो बच्चों का समग्र विकास संभव है।
DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.19448845