सामाजिक न्याय और नैतिकता यादवेन्द्र कुमार आर्य

10 Apr

Authors: यादवेन्द्र कुमार आर्य

Abstract: एक न्यायपूर्ण समाज के तीन आधार स्तंभ मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और नैतिकता है। मानवाधिकार वे बुनियादी अधिकार हैं जो सभी मनुष्यों को मिलनी चाहिए, चाहे उनकी राष्ट्रीयता, लिंग, धर्म या स्थान कुछ भी हो। मानवाधिकार जन्मजात, अविभाज्य और सार्वभौमिक अधिकार हैं इसमें जीवन, स्वतंत्रता, समानता, सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, और दासता से मुक्ति जैसे अधिकार शामिल हैं। सामाजिक न्याय इन अधिकारों को बिना भेदभाव के समानता, गरिमा और अवसरों को लागू करने की प्रक्रिया है। नैतिकता वह आधार है जो इन अधिकारों के सम्मान और संरक्षण के लिए आवश्यक मूल्य प्रदान करता है। जिससे एक सहभागी समाज का निर्माण हो।