Consumer Behaviour In The Era Of Digital Advertising

9 Apr

Authors: Dr. M.D.Chinnu, Abinesh J Abstract: The rapid growth of digital advertising has significantly transformed consumer behavior in contemporary markets. Consumers are increasingly exposed to personalized, data-driven, and interactive advertisements across multiple digital platforms. This shift has influenced how consumers … Read More »

सांस्कृतिक विरासत : खजुराहो का लक्ष्मण मंदिर

7 Apr

Authors: डॉ. विनय कुमार Abstract: भारत विश्व की प्राचीनतम और समृद्धतम सभ्यताओं में से एक है। यहाँ की सांस्कृतिक विरासत केवल भौतिक स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन-दर्शन, धार्मिक विश्वास, कलात्मक अभिव्यक्ति, सामाजिक संरचना और ऐतिहासिक चेतना का … Read More »

समकालीन राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में जवाहरलाल नेहरू के राजनीतिक विचारों की प्रासंगिकता

7 Apr

Authors: Akash Kumar Abstract: यह शोध-पत्र समकालीन राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में पंडित जवाहरलाल नेहरू के राजनीतिक विचारों की प्रासंगिकता का विश्लेषण करता है। नेहरू भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता तथा स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे, जिनके राजनीतिक दर्शन ने … Read More »

21वीं सदी में भारत की भू-राजनीति और वैश्विक शक्ति संतुलन: एक अवलोकन

7 Apr

Authors: सोनू कुमार Abstract: 21वीं सदी में अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है, जहाँ शीत युद्ध के बाद स्थापित एकध्रुवीय व्यवस्था धीरे-धीरे बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में परिवर्तित हो रही है। इस उभरते वैश्विक परिदृश्य में भारत … Read More »

कृष्ण भक्ति काव्य में वात्सल्य और प्रेम का स्वरूप : सूरदास के काव्य के विशेष संदर्भ में

7 Apr

Authors: डॉक्टर अंशु सत्यार्थी Abstract: हमारे भक्ति साहित्य में कृष्ण भक्ति काव्य की परंपरा बहुत समृद्ध और प्रभावशाली है। इस परंपरा में बहुत से कवियों ने भगवान श्री कृष्ण के विभिन्न रूपों और बाल लीलाओं का सजीव चित्रण किया है। … Read More »

स्त्री-विमर्श: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और समकालीन सन्दर्भ

7 Apr

Authors: डॉ. दिनेश कुमार Abstract: स्त्री विमर्श को जानने से पहले 'विमर्श' शब्द को जानना बहुत आवश्यक है। विमर्श का अर्थ है जीवन्त बहस। हिन्दी में विमर्श शब्द अंग्रेजी के Discourse शब्द से आया है, जिसका अर्थ है वर्ण्य विषय … Read More »

पूर्व-आधुनिक विश्व इतिहास में व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान

7 Apr

Authors: Dr. Rachit Kumar Abstract: पूर्व-आधुनिक विश्व में व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे। प्राचीन काल से मध्यकाल तक, विभिन्न सभ्यताओं के बीच व्यापारिक मार्गों ने न केवल वस्तुओं और माल के आदान-प्रदान … Read More »