मुरादाबाद जनपद में मानवाधिकारों की स्थिति : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

10 Apr

Authors: प्रोफेसर (डॉ.)सीमा रानी Abstract: मानवाधिकार आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आधारशिला हैं। ये अधिकार प्रत्येक व्यक्ति को केवल मानव होने के नाते प्राप्त होते हैं और जीवन, स्वतंत्रता, समानता, गरिमा, न्याय, शिक्षा, सुरक्षा तथा विकास से संबंधित होते हैं। … Read More »

ग्राम पंचायतों के विकास में महिला एवं पुरुष ग्राम प्रधानों की भूमिका: एक तुलनात्मक अध्ययन (जनपद बिजनौर के अफजलगढ़ ब्लॉक के विशेष सन्दर्भ में)

10 Apr

Authors: मौo सुलेमान, (डॉ०) दिनेश सिंह Abstract: भारत में पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण लोकतंत्र की नींव है, जिसमें ग्राम प्रधानों की भूमिका निर्णायक मानी जाती है। 73वें संविधान संशोधन ने महिलाओं के लिए आरक्षण प्रावधान कर ग्रामीण शासन में उनकी … Read More »

विकसित भारत भारत में महिलाओं का योगदान

10 Apr

Authors: प्रो. शैफाली सुमन Abstract: विकसित भारत सशक्त, समृद्ध भारत; यह सिर्फ सरकार का ही नहीं जन-जन का स्वप्न है जिसे 2047 अर्थात् भारत की स्वतंत्रता वर्षगांठ तक पूर्ण प्राप्त करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है। पूर्ण विकसित भारत … Read More »

भारतीय संघीय व्यवस्था में राज्यों के अधिकार: राजनीतिक चिंतन, शासन और सार्वजनिक नीति का विश्लेषण

10 Apr

Authors: अभिषेक कुमार Abstract: भारतीय संघीय व्यवस्था भारत के संविधान की एक महत्वपूर्ण विशेषता है, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का संवैधानिक विभाजन किया गया है। यह शोध पत्र राज्यों को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों, उनकी व्यावहारिक स्थिति तथा … Read More »

सार्वभौमिक शिक्षा में योग की आवश्यकता एवं महत्व

10 Apr

Authors: डॉ. रीता Abstract: आधुनिक शिक्षा प्रणाली में विद्यार्थियों के समग्र विकास को लेकर नई चिंताएँ और चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। बढ़ता मानसिक तनाव, प्रतिस्पर्धा, शारीरिक निष्क्रियता तथा सामाजिक असंतुलन जैसे कारकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि … Read More »

भारत में लैंगिक समानता और न्याय: नारीवादी विमर्श एवं समावेशी दृष्टिकोण

10 Apr

Authors: सोनू कुमार Abstract: लैंगिक समानता और न्याय आधुनिक लोकतांत्रिक समाज की मूलभूत शर्तें हैं। भारतीय संविधान समानता, स्वतंत्रता और न्याय के आदर्शों को स्वीकार करता है, किंतु व्यावहारिक स्तर पर लैंगिक असमानता आज भी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संरचनाओं … Read More »

पूर्व-आधुनिक विश्व इतिहास में व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान

10 Apr

Authors: Dr. Rachit Kumar Abstract: पूर्व-आधुनिक विश्व में व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे। प्राचीन काल से मध्यकाल तक, विभिन्न सभ्यताओं के बीच व्यापारिक मार्गों ने न केवल वस्तुओं और माल के आदान-प्रदान … Read More »

दक्षिण पूर्व एशिया एवं भारत की वाणिज्यिक स्थिति

10 Apr

Authors: अनुप्रिया Abstract: किसी भी देश की प्रगति उसके व्यापार पर निर्भर करती है इस दृष्टि से भारत ने प्राचीन काल से ही व्यापार के क्षेत्र में बहुत उन्नति की थी जिसके कारण वह विश्व का एक प्रमुख देश बन … Read More »

सामाजिक न्याय और नैतिकता यादवेन्द्र कुमार आर्य

10 Apr

Authors: यादवेन्द्र कुमार आर्य Abstract: एक न्यायपूर्ण समाज के तीन आधार स्तंभ मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और नैतिकता है। मानवाधिकार वे बुनियादी अधिकार हैं जो सभी मनुष्यों को मिलनी चाहिए, चाहे उनकी राष्ट्रीयता, लिंग, धर्म या स्थान कुछ भी हो। मानवाधिकार … Read More »

IJRTSSH EDITORIAL BOARD MEMBER Dr. Adorable Kimulya

9 Apr

Dr. Adorable Kimulya Affiliation Head of Department – Education, Rwenzori International University, Kasese Email-Id: kimulyaadorable@gmail.com Publication:  Books: Transforming Higher Education Through Equity-Driven Leadership – IGI Global Scientific. Brothers in a brawl. The African Studies Bookstore. ISBN 9789913649353. Publications: The Principle … Read More »