Authors: प्रो. (डॉ.) सपना भारती (संस्कृत), श्री नवीन चन्देल (प्रधानाचार्य)
Abstract: ‘महिला अधिकार’ का तात्पर्य उन सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और कानूनी अधिकारों से है जो महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए आवश्यक हैं। महिलाएं समाज का आधा हिस्सा हैं। किसी देश या समाज का सम्पूर्ण विकास महिलाओं के योगदान के बिना अधूरा एवं अवरुद्ध रहता है। संतुलित विकास के लिए महिलाओं का योगदान आवश्यक है। महिलाओं के अधिकार वे मानवाधिकार हैं, जो शिक्षा, समानता, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने की गारंटी देते हैं। भारतीय संविधान धर्म, जाति या लिंग के आधार पर भेदभाव को रोकता है और समान कार्य के लिए समान वेतन, मतदान, संपत्ति और कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे अधिकार प्रदान करता है।