भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव (युवाओं और महिलाओं के विशेष सन्दर्भ में)

16 Apr

Authors: डॉ. अनुपम सिंह Abstract: प्रस्तुत शोध पत्र “भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव : युवाओं और महिलाओं के विशेष सन्दर्भ में” वैश्विक एकीकरण की प्रक्रिया से उत्पन्न सामाजिक–सांस्कृतिक परिवर्तनों का गहन विश्लेषण करता है। 1991 के आर्थिक सुधारों के … Read More »

भारतीय लोकतंत्र के चार मिथक

16 Apr

Authors: डॉ निलेश कुमार Abstract: राजनीति विज्ञान में हम लोकतंत्र को शासन की एक पद्धति के रूप में जानते हैं जबकि लोकतंत्र सामूहिक रूप से निर्णय लेने की उस प्रक्रिया का नाम है। जिस निर्णय का प्रभाव उस समूह पर … Read More »

प्राचीन भारतीय चिंतन में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण में निहित समृद्ध समाज की अवधारणा

16 Apr

Authors: विभा सिंह Abstract: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पर्यावरण एक ऐसा मुद्दा है जिसने संपूर्ण विश्व को एक मंच पर एकत्रित कर दिया है, विगत दशकों में वैज्ञानिक खोजों एवं तकनीकी विकास ने एक तरफ मानव के कार्य को सरल बनाया … Read More »

कबीरदास: एक उच्चकोटि के मानवतावादी समाज-सुधारक

16 Apr

Authors: डॉ. अनुपम सिंह Abstract: कबीरदास भारतीय संत परंपरा के एक महान कवि, दार्शनिक और समाज-सुधारक थे, जिन्होंने मध्यकालीन भारतीय समाज में व्याप्त धार्मिक आडंबर, जाति-भेद और सामाजिक कुरीतियों का सशक्त विरोध किया। यह शोध-पत्र कबीरदास के मानवतावादी दृष्टिकोण और … Read More »